रात के लगभग ग्यारह बज चुके थे। आसमान में बादल छाए हुए थे और चाँद कभी दिखता तो कभी बादलों के पीछे छिप जाता। ठंडी हवा के झोंके कार की खिड़कियों से टकरा रहे थे।
रिशभ अपनी कार चला रहा था। उसके साथ उसकी तीन दोस्त थे – त्रिशा, पुनीत और सागर। चारों कॉलेज के पुराने दोस्त थे। चारों एक दूसरे के अच्छे दोस्त थे और एक दूसरे के साथ ट्रिप पर जाना उन्हें बेहद पसंद था।
उन्हें एक शहर जाना था जो उनके शहर से करीब चार घंटे की दूरी पर था। रास्ते में एक लंबा और सुनसान जंगल पड़ता था, जो कई किलोमीटर तक फैला हुआ था।
यह एक लंबा और बदनाम जंगल था, जिसके बारे में लोग कहते थे कि रात के समय वहां अजीब घटनाएं होती हैं।
लेकिन चारों को ये सब बातें अंधविश्वास लगती थीं।
रात के लगभग 11 बजे उनकी कार हाईवे पर तेज़ी से दौड़ रही थी। रिशभ ने गूगल मैप देखा और बोला, “बस इस जंगल को पार कर लें, फिर आधा रास्ता पूरा।”
जैसे ही कार जंगल के इलाके में दाखिल हुई, मोबाइल नेटवर्क धीरे-धीरे गायब होने लगा। चारों तरफ़ घना अँधेरा, ऊँचे-ऊँचे पेड़ अजीब-सी खामोशी और दूर-दूर तक कोई इंसानी बस्ती नहीं।
त्रिशा ने खिड़की से बाहर झांकते हुए कहा,
“ये जंगल कुछ ज्यादा ही डरावना नहीं लग रहा?”
पुनीत हँसते हुए बोला,
“अरे कुछ नहीं होता, ये सब दिमाग का वहम है।”
लेकिन सागर चुप था। वह लगातार बाहर देख रहा था, जैसे कुछ महसूस कर रहा हो।
अचानक कार के अंदर म्यूज़िक अपने आप बंद हो गया।
“अरे यार, म्यूज़िक क्यों बंद हो गया?” त्रिशा ने कहा।
“शायद नेटवर्क नहीं है,” पुनीत ने हँसते हुए जवाब दिया।
तभी जंगल के अंदर से एक भयानक चीख सुनाई दी।
“बचाओ… कोई है… बचाओ…”
एक दिल दहला देने वाली लड़की की चीख जंगल के अंदर से गूँजी।
कार में बैठे चारों सन्न रह गए।
रिशभ ने तुरंत ब्रेक लगाया।
कार के अंदर अचानक सन्नाटा छा गया।
“क्या तुम लोगों ने भी सुना?” सागर ने धीमी आवाज़ में पूछा।
त्रिशा की आवाज काँप रही थी,
“हाँ… किसी लड़की की आवाज थी।”
“हाँ… ये आवाज़ तो जंगल से आ रही थी।”
त्रिशा डरते हुए बोली, “चलो यहाँ से… ये जगह ठीक नहीं लग रही।”
लेकिन पुनीत बोला, “अगर सच में कोई लड़की मुसीबत में है तो? हम ऐसे ही छोड़ कर कैसे जा सकते हैं?”
थोड़ी देर बाद फिर वही आवाज आई –
“प्लीज़… कोई मेरी मदद कर दो…”
पुनीत बोला,
“अगर कोई सच में मुसीबत में है तो हमें मदद करनी चाहिए।”
सागर ने डरते हुए कहा,
“यार… रात है, जंगल है… मुझे ठीक नहीं लग रहा।”
कुछ सेकंड की बहस के बाद चारों कार से उतर गए और मोबाइल की टॉर्च ऑन कर जंगल की तरफ़ बढ़ने लगे।
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जंगल के अंदर जाते ही हवा ठंडी हो गई। पत्तों की सरसराहट और दूर-दूर से अजीब सी फुसफुसाहट सुनाई दे रही थी। हर कदम के साथ ऐसा लग रहा था जैसे कोई उन्हें देख रहा हो।
“हेलो… कोई है?” – रिशभ ने आवाज लगाई।
“बचाओ…”
वो आवाज़ फिर आई, इस बार और पास से।
चारों उस आवाज़ का पीछा करते हुए गहरे जंगल में चले गए। अचानक धप्प!
सागर ज़मीन पर गिर पड़ा।
“सागर!”
तीनों उसकी तरफ़ दौड़े।
लेकिन सागर की आँखें खुली की खुली थीं… और उसकी गर्दन पर गहरे नाखूनों के निशान थे। खून बह रहा था।
“ये… ये कैसे हुआ?” त्रिशा चीख पड़ी।
तभी पेड़ों के पीछे से एक हँसी सुनाई दी—धीमी, डरावनी और अमानवीय।
“हाहाहाहा…”
अचानक सागर का शरीर झटके लेने लगा और उसकी पीठ उल्टी दिशा में मुड़ गई। अगले ही पल उसकी हड्डियों के टूटने की आवाज़ आई और वो हमेशा के लिए शांत हो गया।
तीनों डर के मारे पीछे हट गए।
तभी उन्हें एक लड़की दिखाई दी।
लंबे खुले बाल, सफेद कपड़े और झुका हुआ सिर और पैर ज़मीन को छुए बिना हवा में तैर रहे थे।
जैसे ही त्रिशा उस लड़की के पास पहुँची, लड़की ने धीरे-धीरे अपना चेहरा उठाया।
अगले ही पल त्रिशा की दिल दहला देने वाली चीख जंगल में गूँज उठी।
उस लड़की का चेहरा जला हुआ, आँखें काली और मुँह से खून टपक रहा था।
उसने त्रिशा का हाथ पकड़ा और पल भर में उसे अंधेरे में खींच ले गई।
“ये इंसान नहीं है…” पुनीत कांपते हुए बोला।
अब सिर्फ़ रिशभ और पुनीत बचे थे।
रिशभ रोते हुए बोला,
“हमें भागना चाहिए… अभी!”
दोनों उलटी दिशा में भागे, लेकिन जंगल जैसे खत्म ही नहीं हो रहा था। हर रास्ता उन्हें उसी जगह वापस ले आता।
तभी वही डरावनी हँसी सुनाई दी।
“तुम सब… यहाँ से नहीं जा सकते…”
वह लड़की अब उनके सामने खड़ी थी, उसका शरीर आधा हवा में था और पैर जमीन को छू ही नहीं रहे थे।
उसने अपने लंबे नाखून पुनीत के सीने में घुसा दिए। पुनीत की चीख जंगल में गूँज उठी।
“कृपया… छोड़ दो…”
लेकिन उस लड़की ने उसका दिल बाहर निकाल लिया।
पुनीत ज़मीन पर गिर पड़ा—बिना दिल के।
अब रिशभ अकेला था।
वह गिरते-पड़ते भाग रहा था। दिमाग सुन्न हो चुका था।
वो दौड़ते-दौड़ते वापस सड़क तक पहुँच गया। उसकी कार वहीं खड़ी थी। उसने जल्दी से गाड़ी स्टार्ट की।
जैसे ही उसने पीछे देखा—
वो लड़की पीछे वाली सीट पर बैठी थी।
“अब तुम…”
उसने रिशभ के कान में फुसफुसाया।
अगली सुबह…
सुबह एक ट्रक ड्राइवर ने सड़क किनारे खाली कार देखी।
दरवाज़े खुले थे…
अंदर खून के निशान थे…
लेकिन चारों दोस्त गायब थे।
आज भी लोग कहते हैं,
उस जंगल से रात में गुजरते समय
अगर कोई लड़की की चीख सुनाई दे…
तो कार मत रोकना।
क्योंकि वह कोई लड़की नहीं…
वह जंगल की भूतनी है।
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